'गीत' कुलदेवता बाबा गंगारामजी का :

कोण खुदावै राम रामसरा, कोण बंधावै थारी पाल; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

बेटे खुदावै राम रामसरा, पोते बंधावै थारी पाल; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

क्यार भरावां थारा जोहड़ां, क्यार बंधावां थारी पाल; सच्चा कहिए म्हारा देवता ।

दूध भरावां थारा जोहड़ां, गुड घी बांधां थारी पाल; सच्चा कहिए म्हारा देवता ।

गउआं पी पी देवता नीसरी, झूम रही पणिहार; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

गउआं जाया जी बाछड़ा, बहूआं जाये लाडन पूत; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

पूतां की राखो देवता पागड़ी, बहूआं का सर्व सुहाग; सच्चा कहिए म्हारा देवता ।

गउआं कै गलै घूंघरू, बहूआं कै नोसर हार; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

लाड़ जंवाई प्यारा पाहवणा, धीयां का आवण जाण; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

ब्राह्मण देवता भरी चंगेरियां, घर का पुरोहित जीमाए; सच्चा कहिए म्हारा देवता ।

उजली सी खीर रंधाए कै, विप्र देवां नै जीमाए; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

जो थमनैं ध्यावां देवता रात नै, परचा देवो परभात; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

जो थारी निंदा करै, उसनै देवो पछाड़; सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।

सच्चा कहिए म्हारा देवता। सच्चा कहिए गंगन देवता। सच्चा कहिए म्हारा गंगन देवता ।