॥ श्री हरि ॥

बलियालीवाला परिवार द्वारा मान्य बाबाजी के बार :

हमारे पूर्वजों को संतो एवं महात्माओं का संसर्ग एवं उनकी विशेष कृपा-अनुग्रह का प्रसाद मिलता रहा है। आज से करीब  १८० – २०५  वर्ष पूर्व एक बहुत ही उच्च कोटि के महात्मा श्री रामदयालजी ने कुछ विशेष बारों में विशेष तिथियों के संयोग होने वाले दिन (निम्नलिखित को) कोई भी नया, शुभ अथवा मांगलिक कार्य करने का निषेध बताया था। उन निषिद्ध दिनों को हमारे परिवार में  ” बाबाजी के बार ”  के नाम से सम्बोधित किया जाता है। उन श्रीमहात्माजी के अनुसार भगवान श्री रामचन्द्र, श्री कृष्ण तथा कई महापुरुषों पर इन निषिद्ध तिथि-बार संयोग वाले दिनों में विपत्तियां आई थीं ।

बार

तिथि

सोमवार

सप्तमी

मंगलवार

द्वितीया

बुधवार

पंचमी

वृहस्पतिवार

अष्टमी

शुक्रवार

तृतीया

शनिवार

षष्टी

रविवार

चतुर्थी

उपरोक्त के अलावा निम्नलिखित तिथियों के लिए भी महात्माजी ने निषेध बताया हुआ है ।

ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की

प्रथमा

आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की

द्वितीया

सावन महीने के कृष्ण पक्ष की

तृतीया

भादवा महीने के कृष्ण पक्ष की

चतुर्थी

आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की

पंचमी

कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की

षष्टी

मंगसर महीने के कृष्ण पक्ष की

सप्तमी

पौष महीने के कृष्ण पक्ष की

अष्टमी

माघ महीने के कृष्ण पक्ष की

नवमी

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की

दशमी

चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की

एकादशी

बैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की

द्वादशी